भारतीय फसलें और उनका वर्गीकरण | Indian Crops and Their Classification
भारत कृषि प्रधान देश है, जहाँ विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं। फसलों का वर्गीकरण किसानों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसे मुख्यतः ऋतु आधारित (Seasons), जीवनचक्र आधारित (Life Cycle), और आर्थिक/विशेष उपयोग आधारित (Economic/Special Use) तरीकों से किया जाता है।
1. ऋतु आधारित वर्गीकरण (Season-Based Classification)
भारत में फसलों को तीन प्रमुख ऋतुओं के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है।
खरीफ की फसल (Kharif Crops)
- धान, बाजरा, मक्का, कपास, मूँगफली
- शकरकन्द, उर्द, मूँग, लोबिया, ज्वार
- तिल, ग्वार, जूट, सनई, अरहर, ढैंचा
- गन्ना, सोयाबीन, भिंडी, लौकी, खरबूजा, तरबूज
रबी की फसल (Rabi Crops)
- गेहूँ, जौं, चना, सरसों, मटर
- बरसीम, रिजका, मसूर, आलू, तंबाकू
- लाही, जंई
जायद की फसल (Zaid Crops)
- कद्दू, खरबूजा, तरबूज, लौकी, तोरई
- मूँग, खीरा, मिर्च, टमाटर, सूरजमुखी
2. जीवनचक्र आधारित वर्गीकरण (Life Cycle-Based Classification)
एकवर्षीय फसलें (Annuals)
- धान, गेहूँ, चना, ढैंचा, बाजरा, मूँग, कपास, मूँगफली
- सरसों, आलू, शकरकन्द, कद्दू, लौकी, सोयाबीन
द्विवर्षीय फसलें (Biennials)
- चुकंदर, प्याज, गाजर
बहूवर्षीय फसलें (Perennials)
- नेपियर घास, रिजका, केला, आम, अमरूद, सेब, पपीता, आमला
3. आर्थिक और विशेष उपयोग आधारित वर्गीकरण (Economic & Special Use Classification)
अन्न/धान्य (Cereals)
धान, गेहूँ, जौं, चना, मक्का, ज्वार, बाजरा
मसाले (Spices)
अदरक, पुदीना, प्याज, लहसुन, मिर्च, धनिया, अजवाइन, जीरा, सौफ, हल्दी, कालीमिर्च, इलायची, तेजपात
रेशेदार (Fibres)
जूट, कपास, सनई, पटसन, ढेंचा
चारा (Fodders)
बरसीम, लूसर्न (रिजका), नैपियर घास, लोबिया, ज्वार
फलदार (Fruits)
आम, अमरूद, नींबू, लीची, केला, पपीता, सेब, नाशपाती
औषधीय (Medicinals)
पोदीना, मेंथा, अदरक, हल्दी, तुलसी
तेल वाली (Oilseeds)
सरसों, अरंडी, तिल, मूँगफली, सूरजमुखी, अलसी, कुसुम, तोरिया, सोयाबीन, राई
दलहनी (Pulses)
चना, उर्द, मूँग, मटर, मसूर, अरहर, मूँगफली, सोयाबीन
जड़/कंद (Roots & Tubers)
आलू, शकरकन्द, अदरक, गाजर, मूली, अरबी, रतालू, टेपियोका, शलजम
विशेष उपयोग आधारित फसलें (Special Use Crops)
- Catch Crops (अंतरवर्ती फसलें): उर्द, मूँग, चीना, लाही, सांवा, आलू
- Cash Crops (नकदी फसलें): गन्ना, आलू, तंबाकू, कपास, मिर्च, चाय, कॉफी
- Cover Crops (मृदा रक्षक फसलें): मूँगफली, मूँग, उर्द, शकरकन्द, बरसीम, लूसर्न
- Green Manure (हरी खाद): मूँग, सनई, बरसीम, ढैंचा, मोठ, मसूर, ग्वार, मक्का, लोबिया, बाजरा
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत की कृषि विविधता इसकी प्रमुख ताकत है। ऋतु, जीवनचक्र और आर्थिक उपयोग के आधार पर फसल वर्गीकरण से किसानों और शोधकर्ताओं को उत्पादन, आय और स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलती है।
Q1: खरीफ, रबी और जायद फसलें क्या हैं?
A: खरीफ फसलें मानसूनी होती हैं (जून-जुलाई), रबी सर्दियों में उगाई जाती हैं (अक्टूबर-दिसंबर), जायद गर्मियों में उगाई जाती हैं (मार्च-जून)।
Q2: बहुवर्षीय फसलें कौन-कौन सी हैं?
A: नेपियर घास, रिजका, केला, आम, अमरूद, सेब, पपीता, आमला जैसी फसलें बहुवर्षीय होती हैं।
Q3: नकदी फसलों का क्या महत्व है?
A: नकदी फसलें किसानों की आय बढ़ाने के लिए उगाई जाती हैं जैसे गन्ना, आलू, तंबाकू, कपास, मिर्च।



